अपनी पलको से बहते आँसुओं को कभी पीकर तो देख,
तुझे समंदर की प्यास का अंदाज़ा हो जाएगा।
मेरे चेहरे के तबस्सुम से जलकर खाक होनेवाले,
झांक कर मेरे दिल में देख, तुझे मेरे ग़मो का अंदाज़ा हो जाएगा ।
मेरे घर के रोशन चरागों से रश्क़ करनेवाले,
पास आकर देख, तेल की जगह मेरे जलते लहू की तपिश का अंदाज़ा हो जाएगा ।
इक बार मुझे समझने की कोशिश तो कर,
सब कुछ पाकर खोने के दर्द का अंदाज़ा हो जाएगा ।
फूलो को देख खुशी मिलती है सबको, इक बार फूल बनकर देख,
कितना मुश्किल है कांटो में रहना और मुस्कुराना, तुझे इसका अंदाज़ा हो जाएगा ।
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